ज्योतिष मे ताश के पत्ते

ताश के बावन पत्ते और एक जोकर इसी प्रकार से साल मे बावन सप्ताह और चार साल मे एक लौंद की साल। बादशाह बेगम गुलाम दहला नहला अट्ठा सत्ता छक्का पंजा चौका तिया दुआ और इक्का यह मिलाकर कुल तेरह पत्ते का खेल बहुत रूप से खेला जाता है लोग इस ताश के पत्ते के खेल को जुआ बोलते है,लेकिन मनोरंजन के लिये खेले जाना वाला खेल समय पास करने के लिये खेला जाता है लम्बी यात्रा के समय मे ट्रेन मे देखा जा सकता है रविवार के दिन लोग अपनी छुट्टी को पास करने के लिये भी दोस्तो के साथ बैठ कर इस खेल को खेलते है। ताश के पत्तो मे भाग्य और बुद्धि दोनो एक साथ काम करती है अगर भाग्य सही है और बुद्धि से काम लिया जाता है तो ताश का खेल बहुत अच्छा लगता है वैसे लोग इसे अनाडी पन से और अपने अहम की पूर्ति के लिये जब इस खेल को खेलते है तो उन्हे अक्सर हार का ही सामना करना पडता है।कई लेख मैने ताश के पत्तो के बारे मे लिखे है आप चाहे तो रामेन्द्र सिंह भदौरिया या astrobhadauria गूगल पर सर्च करने के बाद पढ सकते है।

बावन सप्ताह चार ऋतुयें

एक साल के अन्दर बावन सप्ताह होते है और इन्हे अगर चार भागो मे विभाजित कर दिया जाये तो तेरह सप्ताह एक भाग मे आते है। यह भाग एक साल के अन्दर चारो पुरुषार्थो के लिये माने जाते है। एक भाग मे धर्म होता है एक भाग मे अर्थ की प्राप्ति होती है एक मे काम यानी यौन सम्बन्ध और सन्तान आदि की प्राप्ति तथा सन्तान आदि की तरक्की के लिये काम किये जाते है,एक भाग मे अर्थ यानी धन सम्पत्ति और जीवन यापन के लिये किये जाने वाले काम भी माने जाते है तथा एक भाग जो बहुत ही मजबूत होता है और बाकी के तीन भागो के अन्दर के कार्य और परिणाम के अन्दर जो भी प्राप्त होता है उसके फ़ल की प्राप्ति के लिये मोक्ष के नाम से जाना जाता है।

ताश के पत्तो के चार प्रकार

ताश के पत्तो के चार प्रकार होते है पहला सबसे सुन्दर पान का प्रकार का होता है उसके बाद हुकुम का इन दोनो मे एक दूसरे का विरोध है एक लाल और एक काला पान को हमेशा अपने विरोधी हुकुम से जूझने के लिये माना जाता है एक के अन्दर भावना होती है और प्यार प्रेम तथा रसिक रूप से देखा जाता है दूसरे के अन्दर कडकपन और कार्य की महत्ता ही होती है साथ ही उसे भावना से कोई मतलब नही होता है केवल कार्य और कार्य के लिये आदेश यानी हुकुम की मान्यता ही होती है,अगर मारने का हुकुम है तो मारना ही पडेगा उसके अन्दर दया प्रेम या किसी प्रकार की आगे पीछे की सोच नही होगी उसी प्रकार से ईंट का और चिडी का आपसी सम्बन्ध माना जाता है ईंट तो भौतिक सुख और भवन निर्माण तथा रिहायसी कामो के लिये प्रयोग मे आने वाला तत्व माना जाता है जिस मिट्टी से ईंट का निर्माण होता है वह जली हुयी होती है और उस मिट्टी मे कुछ भी पैदा नही हो सकता है केवल निर्माण ही किया जाता है ईंट को बनने कच्चे प्रभाव को पक्का करने और लाल रंग मे आने के लिये एक बार ऊंचे तापमान की भट्टी मे जलना पडता है इसलिये ईंट के अन्दर भी कोई रस नही होता है कोई सोच नही होती है वह केवल जहां भी स्थापित कर दिया जाये वह स्थापित हो सकती है लेकिन मानसिक भावना या जीव से कोई उसका लेना देना नही है। ईंट की विरोधी चिडी को माना जाता है,इस का रंग काला होता है और इस काले रंग के अन्दर भी एक साथ तीन दिशाओ की सोचना और अपने को बेवकूफ़ सा बनाकर या किसी भी प्रकार के मतलब वाले काम मे अपनी उपस्थिति देना गाना बजाना शरीर का ख्याल रखना लोग क्या कहेंगे क्या समझेंगे उससे कोई वास्ता नही रखना आदि प्राथमिक बाते मानी जाती है सभी पत्तो की मर्यादा और मान एक सीमा तक ही सीमित होता है इसके बारे मे आपको आगे बतायेंगे।

ताश के बादशाह (जीवन का पहला पत्ता)

चारो रंगो के चार बादशाह होते है पान का बादशाह रसिया मिजाज का होता है उसे अपने रंग मे ही रंगे रहने का पूर्ण मतलब होता है वह अपने राज्य को भावना से करना जानता है उसके अन्दर किसी प्रकार की कठोरता नही है वह झेलता सभी को है लेकिन खुद को सीमित दायरे मे ही रखता है उसके लिये जो भी बात होती है वह ह्रदय से की जाती है उसमे किसी प्रकार की चालाकी नही होती है वह जो भी करता है संजीदगी से करता है। यात्रा आदि के कामो मे उसे हमेशा सफ़लता मिलती है और जहां भी जाता है उसकी इज्जत होती है। लोग पसन्द भी करते है और सभी प्रकार के विरोधी उसका स्वागत करते है कोई अपने हित के लिये स्वागत करता है और कोई स्वार्थ के पूर्ण होने के बाद दूर हो जाता है यह पत्ता अगर किसी की जिन्दगी के साथ शामिल हो जाता है तो अच्छे कामो मे उसे लगातार सफ़लता मिलती चली जाती है। अपने भविष्य के बारे मे जानने के लिये हमेशा चार पत्तो को उठाया जाता है पहला पत्ता उसके धर्म से सम्बन्धित होता है दूसरा उसके द्वारा किये जाने वाले कामो से अपना सम्बन्ध रखता है तीसरा पत्ता उसके द्वारा सम्बन्धो के बारे मे अपनी राय जाहिर करता है और चौथा पत्ता उसकी चाहत के लिये और भविष्य की इच्छाओ के लिये अपना फ़ल बताता है। अगर पान का बादशाह पहला पत्ता है तो समझना चाहिये कि जीवन मे शाही रूप से जीने मे कोई रोक नही सकता है और सभी लोग इस पत्ते की प्रकृति के अनुसार ही इज्जत भी करेंगे मान मर्यादा और लोगो के दिल मे अपनी जगह बनाने के लिये भी स्थान रहेगा,इस पत्ते वाले को अपने जीवन मे जब भी मात मिलेगी तो हुकुम के बादशाह वाले व्यक्ति से ही मिलेगी,अक्सर इस पत्ते वाले लोग दिल फ़ैंक भी कहे जाते है। जहां भी सुन्दरता देखी वही पर अपने दिल को फ़ेंक देते है,शेरो शायरी करने मे गीत आदि गाने मे नाच गाना आदि पसंद करने मे इनकी आदत का एक हिस्सा होता है। इसी प्रकार से अगर हुकुम का बादशाह पहला पत्ता है तो व्यक्ति आजीवन कर्म के अन्दर ही फ़ंसा रहेगा उसे जाति धर्म मर्यादा आदि किसी भी कोई ताल्ल्लुक नही रहेगा वह जहां भी अपने स्वार्थ को देखेगा अपना सिक्का चलाने की कोशिश करेगा उसे कोई मरे या जिये इससे कोई मतलब नही होगा वह अपने मन के अनुसार काम नही करके केवल बुद्धि से काम करेगा उसके सामने भावना की कोई कद्र नही होगी। वह अपने विस्तार को बढाने के लिये जैसे भी रास्ता मिलेगा आगे बढता जायेगा वह केवल स्वार्थ की ही दोस्ती करेगा और दोस्ती मे भी अपनी स्वार्थ वाली नीति को कायम रखेगा,वह शमशान से भी अपनी जरूरत की चीजो को प्राप्त करने की क्षमता रखेगा अक्सर ऐसे लोग अनैतिक कामो के अन्दर अधिक पाये जाते है और माफ़िया आदि जगत के बडे रूप से चलते पुर्जा व्यक्ति होते है हथियार और मारकाट के रूप मे यह अपनी साख बनाते देखे जाते है। पहला पत्ता अगर ईंट के बादशाह का आता है तो व्यक्ति निर्माण कला के लिये जाना जायेगा वह जीवन की शुरुआत मे काफ़ी कमजोर रहा होगा लेकिन जीवन के कार्यों ने उसे कठोर बनाकर और दुनिया की हवा से जूझने के बाद वह एक दम पक्का हो गया होगा वह इच्छित लोगो के लिये काम करने वाला होगा उसके पास दया नाम की चीज नही होगी वह जिसके पास भी होगा उसे हमेशा चारो दिशाओ मे सोच कर चलने के लिये और उसे सामयिक न सम्भाल कर हमेशा के लिये सम्भालने वाले के लिये वह अच्छा फ़ल देगा साथ ही वह कठोरता से अपने को जोड कर चलने वाला होगा जो भी उसे सौम्य तरीके से ग्रहण करने की कोशिश करेगा वह उस ग्रहण करने वाले को घायल भी कर सकता है और हमेशा के लिये अपंग भी कर सकता है उसे लोग अपने फ़ायदे के लिये ही ग्रहण करेंगे वह अपनी बिरादरी की संख्या के अनुसार बलशाली होगा वह किसी भी समाज की बुनियाद को भी सम्भालने मे मजबूत होगा साथ ही समाज धर्म आदि की पहली सीढी उसी के द्वारा ही बनायी जायेगी वह राज्य मे अगर जाता है तो पार्टी पालिटिक्स आदि के अन्दर उसका पहला स्थान होगा भले ही उसके ऊपर कई प्रकार के लवा जामा पहिना कर उसे कोई अलग से रूप दिया गया हो पद दिया गया हो या शक्ति दी गयी होगी लेकिन वह अपने वास्तविक रूप को नही भूलेगा। अगर पहला पत्ता चिडी का बादशाह आता है तो व्यक्ति मजाकिया किस्म का इंसान होगा वह अपने स्वार्थ के लिये किसी जान भी मजाक मजाक मे ले सकता है,उसके चारो तरफ़ होशियार और चालाक लोगो की फ़ौज होगी जिसके अन्दर वह अपने को चलायमान समझा जायेगा। गाने बजाने फ़ूहड और भद्दे गीत आदि सुनने का उसे बहुत शौक होगा वह अपने काम के अलावा अपने समय को इसी प्रकार के खेल मनोरंजन आदि मे व्यतीत करेगा,मूर्ख समाज का नेता अक्सर इसी प्रकृति का माना जाता है। इस बादशाह के लिये एक कहावत कही जाती है कि "अन्धेर नगरी बेबूझ राजा,टका सेर भाजी टका सेर खाजा"के अनुसार उसके आसपास के लोगो के अन्दर बुद्धिमान व्यक्तियों की कोई जगह नही होगी उसके लिये सभी बराबर के लोग माने जायेंगे,खाना सोना और मनोरंजन करना तथा विभिन्न प्रकार की काम कलाओं के अन्दर अपने को माहिर समझना ही एक बात होगी वह तामसी भोजन आदि का भी शौकीन होगा लेकिन एक बात जरूर होगी वह जहां भी जायेगा अपनी फ़ौज जरूर बना लेगा,वह अपने काम की पूर्ति के लिये समय पर भीख भी मांग सकता है और काम निकलने के बाद उसे चिन्ता नही रहेगी कि उसके साथ किसी ने कोई अहसान किया है वह अगर बुरे समय मे है तो उसे कोई चिन्ता नही होगी।

ताश के पत्तो मे बेगम का स्थान (जीवन का पहला पत्ता)

ताश के पत्तो मे अगर पहला पत्ता बेगम का आता है तो व्यक्ति स्त्री स्वभाव का होता है वह या तो स्त्री होती है या उसके अन्दर स्त्रियों के प्रति अधिक चाहत होती है। पहला पत्ता अगर पान की बेगम के रूप मे सामने आता है तो वह व्यक्ति अपने किसी बडे मातहत या किसी साझेदार के आदेश से काम करने वाला होता है।उसके अन्दर शक्ति की पूजा करने और शक्ति का विस्वास करने की आदत भी होती है जब भी कोई आफ़त आती है तो वह ह्रदय से शक्ति की चाहत करता है देवी शक्ति के ऊपर अपना विश्वास रखता है। मनोरंजन मे लिखने मे प्रदर्शित करने मे उसका अधिक विश्वास होता है कोई भी काम रुचि करना भी आता है घर को संस्थान को सम्भालने और रख रखाव करने मे दक्षता हासिल होती है………

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