आगे आने वाली एक मई से गुरु अपना स्थान परिवर्तन कर रहा है,यह अभी तक नीच का होकर मकर राशि का था,और नीच का होने के साथ राहु के साथ भी था,जिसके कारण गुरु ने अपनी शिफ़्त बदली हुयी थी,यह परिभाषा एक ज्ञानी के लिये सफ़ाई का काम करने वाले जैसी बन जाती है। गुरु हवा का मालिक है,हम जो सांस प्रकृति से लेते है उसके अन्दर गुरु का बल होता है। गुरु का बल हमारे लिये उन पांच तत्वों में बराबर का है जिससे अपना शरीर चलता है। संसार में तीन तरह के प्राणियों का समागम हमेशा से रहा है,एक उत्तम प्रकृति के होते है दूसरे मध्यम प्रकृति के होते है और तीसरे अधम प्रकृति के होते हैं। उत्तम प्रकृति वाले खराब हवा को ग्रहण ही नही करते है,खराब हवा उसी प्रकार से है जैसे कार्बन डाई आक्साइड,वे शुद्ध हवा को ग्रहण करना जानते है,और अगर किसी प्रकार से खराब हवा उनको मिलती है तो वे या तो स्थान त्याग देते है,अथवा खुद को इस काबिल बना लेते है कि खराब हवा भी उनके अन्दर फ़िल्टर होकर जाने लगती है। मध्यम प्रकृति के लोग खराब हवा को कुछ समय के लिए अपने ह्रदय मे रखते है और उसी हवा के अनुसार अपने को चलाने का प्रयत्न करते है,लेकिन जब खराब हवा उनके ऊपर असर करने लगती है तो वे संभल जाते है और उसे अपने शरीर से क्रियाओं के द्वारा निकाल देते हैं। जो अधम प्रकृति के लोग होते है वे केवल खराब हवा को अपने अन्दर भरे घूमते रहते है,जिस प्रकार से एक व्यक्ति किसी से जरा सी दुश्मनी कर ले और उसे कालान्तर तक अपने अन्दर रखे रहे तथा उसके अन्दर एक ही ख्याल चले कि कब मौका मिले और सामने वाले से बद्ला लिया जा सके। इसी प्रकार से इस गुरु की प्रकृति होती है,जीने के लिये ईश्वर ने सभी को समान हवा प्रदान की है,लेकिन कुछ लोग इस हवा को समझते है तो कुछ लोग कभी कभी ही इस हवा के बारे में सोचते हैं। गुरु अब दोस्ती के घर मे जा रहा है,उसका आदान प्रदान अब दोस्तों के रूप में होगा,कुछ के लिये यह दोस्ती आजीवन के लिये बन्ध जायेगी,कुछ लोगों के लिये यह सामयिक होगी और कुछ लोगों के लिये कोई फ़र्क पडने वाली बात नहीं होगी। अब गुरु जिस भाव में जा रहा है उसके द्वारा जो व्यक्ति पिछले समय में कार्य के अन्दर अपने क्षेत्र के अन्दर भुगत कर आया है उसके अन्दर क्या कमी थी,और उस कमी के कारण क्या क्या परेशानी आयीं,इन सब के लिये उसे क्या और सीखना चाहिये,उसका बोध होगा,और जब बोध होगा तो वह किये जाने वाले कार्य के प्रति शिक्षा के प्रति अग्रसर होगा।
शिक्षा के अन्दर भी वह शाही अन्दाज का प्रयोग करने की कोशिश करेगा,साथ ही अपने शरीर का भी ख्याल रखेगा,और अपने को और अति उत्तम तरीके से समाज और अपने स्थान विशेष में दिखाने की कोशिश करेगा,जिन लोगों ने अभी तक की पढाई लिखाई में मेहनत कम की है,अथवा काम धन्धे के कारण वे वह नहीं सीख पाये है जो उनको सीखना था,उसके लिये वे अलावा प्रयास करेंगे,और उन प्रयासों के कारण जो रिजल्ट कम परसेंट से आया करता था उसके अन्दर नम्बरों का बढना और डिवीजन का आना भी लाजिमी है। इसके अलावा जो लोग कार्य करने के प्रति अपनी अपनी भूमिका को सही तरीके से समझ नहीं पाये थे,वे अब अपने अपने कार्यों के अन्दर बदलाव करने की और अपने कार्य स्थान को भी बदलने की कोशिश करेंगे। जिन लोगों का धन किसी कारण से बेकार में चला गया है,अथवा उनके अन्दर यह सोच पैदा हो गयी कि उन्होने अपना धन किसी खास बात के लिये खर्च किया था लेकिन वह सामने नहीं आ पायी तो उनके लिये भी एक सुनहरा अवसर होगा और वे अपने मनोरथ में सफ़ल होते दिखाई देंगे। गुरु रिस्तों का मालिक भी है,मेष मिथुन सिंह तुला धनु कुम्भ राशि वालों के लिये यह गुरु रिस्ते पैदा करेगा,और जिनके मनपसन्द रिस्ते नही मिल रहे थे,उनको रिस्तों की तरफ़ से विश्वास मिलने लगेगा,जिन लोगों के रिस्तों में कटुता आ रही थी,उनके अन्दर सुधार की आहट मिलने लगेगी,जो लोग अपने पडौसी से सम्बन्ध खराब किये बैठे थे वे मधुरता की ओर खिसकने लगेंगे। लेकिन इनके अन्दर उन लोगों के अन्दर बदलाव होना और नही होना उत्तम मध्यम और अधम के अनुसार ही माना जायेगा। गुरु की निगाह व्यापार वाले घर और साझेदार के घर पर बहुत बडे रूप में जा रही है,कितने ही लोग धर्म को व्यापार की तरह प्रयोग करना शुरु कर देंगे,कितने ही लोग अपने अपने व्यापार के लिये कानूनी सहायता के लिये बडे बडे कोर्टों में चक्कर लगाने लगेंगे,कितने ही लोग अपने अपने व्यापार के लिये देश और विदेश में बडी बडी यात्रायें करने लगेंगे।
गुरु शनि के घर में जाने के अलावा यह संचार के क्षेत्र में भी प्रवेश करेगा,यह समय उस बारह साल के बाद आया है,जबसे संचार के क्षेत्र में प्रगति होनी शुरु हो गयी थी,और आज हर आदमी के हाथ में संचार का साधन,इन्टनेट आदि का साधन सुलभ है,इस प्रगति के अन्दर जो कम्पनियां इस क्षेत्र में लगातार आगे जा रही थीं,उनके गिरावट का समय शुरु हो गया है,वे अधिक धन खर्च करने के बाद भी उतना फ़ायदा नहीं ले पायेंगी जितना कि आज से बारह साल उनको मिल रहा था,कारण यह गुरु संचार में एक नही तकनीक की शुरुआत करने जा रहा है,अचानक मिलने वाली तकनीक और उसके फ़ायदे के अनुसार लोग बारह साल से प्रगति की तरफ़ जाने वाली तकनीक को एक किनारे पर रख देंगे,और नई तकनीक की तरफ़ भागने लगेंगे। सितम्बर के आसपास से जब यह गुरु दिसम्बर तक के लिये बक्री होगा तो वे लोग जो समझ नही पा रहे थे और जरा सा फ़ायदा या भविष्य में चलने वाली स्कीम को फ़ेल करने के लिये भी उत्तरदायी माने जायेंगे। लेकिन जो संभल कर चलने वाले है उनके ऊपर कोई असर नहीं होगा। गुरु के लिये और अच्छा बनाने के लिये बहुत ही सुगम उपाय है कि अपने परिवार और मर्यादा का ख्याल रखना,ग्रह क्लेश जहां भी और जिस कारण से फ़ैल रहा है,उससे दूर रहना,और किस कारण से पैदा हो रहा है उससे दूर हो जाना,किसी पिछली बात को ध्यान में नही रखना और ऋतु परिवर्तन के कारण को समझ कर फ़िर से नई कल्पनायें और नई बात के लिये तैयार करने का प्रभाव पैदा करना,इसके साथ ही किसी भी साझेदार को रखने से पहले बहुत ही समझना भी होगा कि उपरोक्त तीन प्रकृतियों में कौन सी प्रकृति उस व्यक्ति के अन्दर है। मेष राशि वालों के लिये नये सम्बन्ध और जायदाद बनाने के कारण मिलेंगे,वृष राशि वालों के लिये धन और कार्यों की चिन्ता तथा कर्जा दुश्मनी और बीमारी के साथ कार्य करने के बाद भौतिक सम्पत्ति की प्राप्ति की चिन्ता होगी,मिथुन राशि वालों के लिये धर्म भाग्य आगे की ऊंची पढाई लम्बी यात्रा विदेश यात्रा और कानूनी कार्यों में जाना पड सकता है,धार्मिक लोग व्यवसायी गुरुओं से अपनी पहिचान करवायेंगे,कर्क राशि वाले पिछले जमा किये गये धन का उपयोग करेंगे,उन्होने जो भी पिछली औकात बनायी है उसे बरबाद करने तथा अपमान मृत्यु जान जोखिम जैसे कार्यों में अपना हाथ डालेंगे,वे पिछले इतिहास और बाहर के कार्यों के प्रति कोई भी जोखिम ले सकते हैं। सिंह राशि वाले अपने लिये बढिया साझेदार खोज सकते है शादी सम्बन्धों के अन्दर आने वाली रुकावटों और पैतृक जायदाद के प्रति चलने वाली जद्दोजहद में परेशानी आ सकती है,विरोधी लाभ वाली जगह पर अपना दखल दे सकता है।
विरोधी खुद के पराक्रम को अपने लिये प्रयोग कर सकता है,यानी जो विद्या अभी तक इस राशि वाले प्रयोग कर रहे थे,अब वही विद्या विरोधी इस राशि वालों के लिये प्रयोग कर सकता है। कन्या राशि वाले कर्ज दुश्मनी बीमारी के प्रति परेशान रहेंगे,उनके लिये रोजाना के काम और शरीर की परेशानी तथा बैंक आदि के लफ़डे परेशानी में डालेंगे,अधिकतर मामलों में खर्च करने और यात्रा करने तथा निवास से बाहर रहने वाले कारण बनेंगे,तुला राशि वाले जल्दी से धन कमाने की स्कीमों के अन्दर अपना ध्यान ले जायेंगे,अपने बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के विघटन को बचाने में सफ़लता हासिल करेंगे,उनका दिमाग खेल कूद और युवाओं के प्रति होने वाले कार्यक्रमों के प्रति लालसायें पैदा करेंगे,वृश्चिक राशि वालों के लिये घर बनाने वाहन लेने धन का संचय करने दलाली वाले काम करने,वैश्याओं की तरफ़ अधिक ध्यान करने,बीमा वाले धन को प्रयोग करने अथवा बीमा करवाने के अलावा बाहर की यात्राओं को हवाई यात्राओं में करने की सोचेंगे,जो लोग इन्जीनियरिंग से वास्ता रखते है वे हवा से पानी को प्राप्त करने और हवा की तकनीक से वाहन को चलाने और वाहने की गति सम्भालने की कला से अपना नाम करेंगे,धनु राशि वाले अपने को अधिक धनी होने का दावा करेंगे,जितना है उससे अधिक बताने की कोशिश करेंगे,पुराने कोर्ट केश और अदालती मामलों में वे अपने को समझौता के द्वारा सफ़ल करेंगे,जो विद्यार्थी है उनके लिये अच्छे नम्बरों से सफ़लता का समय है,धनु राशि वाले इस कुम्भ के गुरु में सबसे अधिक परफ़्यूम का प्रयोग करेंगे,उनके लिये धार्मिक यात्रायें और रोजाना धार्मिक स्थानों में जाना तथा सत्संग आदि करना,प्रवचन करना और अपने को साबित करना कि वे धन और जायदाद के मामले में अधिक ज्ञान रखते है,साथ ही यात्राओं का प्रबन्ध करना,छोटी छोटी यात्रा करवाने के लिये अपनी खुद की कम्पनी खोलना आदि सामने आयेंगे।
मकर राशि वाले धन और बैंक किये जाने वाले रोजाना के काम और अपने कैरियर के प्रति चिन्ता करेंगे,भौतिक साधनों के प्रति अपनी पकड वे बनाने की कोशिश करेंगे,लेकिन बैंक आदि जो उनके कैरियर के लिये धन प्रदान करने वाले थे,वे असफ़लता की तरफ़ जाने से नकारात्मक विचारों से घिर सकते हैं,कुम्भ राशि राशि वाले अपना स्थान या कार्य बदल सकते है,उनके लिये सम्बन्ध और पारिवारिक स्थिति जो अभी तक बेकार की मानी जाती थी वह अब उच्च स्थान की तरफ़ जाती मिलेगी,जो व्यक्ति अपने अपने जीवन साथी से परेशान थे,उनके अन्दर प्रेम और प्यार वाली बातें समझ में आने लगेंगी,उनके लिये अपने बहिन और भाइयों के प्रति रिस्ते सुधारने वाली बातें सामने आयेंगी,शिक्षा के प्रति लगाव बढेगा,जीवन साथी के प्रति झुकाव शुरु होगा,धर्म और कानून के प्रति सफ़लता मिलेगी,मीन राशि वालों के लिये रहने वाले स्थान से दिमाग उचटने का खतरा है,वे ध्यान समाधि और पराशक्तियों के प्रति अग्रसर होंगे,और अधिक से अधिक इन्ही बातों के लिये खर्च भी करेंगे,उनका ध्यान नगद धन की तरफ़ होगा,वे अधिक से अधिक अपने कुटुम्ब वालों से सहायता की आशा करेंगे,घर बनाने और ऊपर की मंजिल को बनाने के लिये उनका मन रहेगा,गाडी और मकान में प्रयोग किये जाने वाले पानी के लिये उनको खर्चा करना पडेगा,कर्जा दुश्मनी और बीमारी के प्रति भी उनको खर्चा और यात्रा करनी पड सकतीं है,वर्ष के उत्तरार्ध में मृत्यु सम्बन्धी समाचार मिलने से और दिमाग परेशान होना पड सकता है। गुरु से सम्बन्धित परेशानियों के लिये गुरु मन्त्र "ऊँ ग्राम ग्रीम ग्रौम स: गुरुवे नम:" का रोजाना एक हजार जाप और पीले वस्त्रों का प्रयोग तथा पुखराज का पहिनना भी लाभदायी होगा,पीपल को सींचना,मन्दिर में दीपक जलाना,पुखराज के अभाव में हल्दी को पीले कपडे में बांध कर पुरुष दाहिनी और महिलायें बायीं भुजा में गुरुवार के दिन धारण कर सकतीं हैं।
रामेन्द्र सिंह भदौरिया (Astrobhadauria)
37 पंचवटी कालोनी,एन.बी.सी.रोड
जयपुर-302006
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